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टीकाकरण दल को देखते ही गांव से जंगल की ओर भागे ग्रामीण, बडी समझाईश के बाद अंततः ग्रामीणों का हुआ टीकाकरण


डिण्डौरी। जिले के सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बैगाचक के गांवों में टीकाकरण का दल पहुंचते ही यहां के रहवासी गांव छोड जंगल की ओर भाग गये, बैगाचक के रंजरा गांव में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जहां पिछले कई दिनांे से एकता परिषद की शोभा तिवारी के नेतृत्व में यह समझाईश दी जा रही है कि टीकाकरण से किसी तरह का नुकसान नहीं है। गांव के घरों में ताले लटके रहे घरों में सिर्फ बच्चे ही मौजूद थे इसके पूर्व ग्रामीणों ने गुरूवार को टीकाकरण कराने की सहमति दी थी। गुरूवार को एकता परिषद के अनीष, शोभा तिवारी सहित अन्य लोग व स्वास्थ्य अमला अपनी पूरी तैयारी के साथ पहुंचा तो गांव में सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद घण्टों ग्रामीणों का इंतजार करने के बाद भी कोई वैक्सीनेशन के लिये नहीं पहुंचा जिसके बाद शोभा तिवारी स्वयं जंगल में गईं और कुछ ग्रामीणों को अपने साथ ले आई और सबसे पहले एकता परिषद के सदस्यों का टीकाकरण किया गया ताकि ग्रामीणों को टीके के प्रति विश्वास हो सके इसके बाद कुछ ग्रामीण टीके को लेकर अपनी सहमति देते हुये स्वयं का वैक्सीनेशन कराया हालांकि अधिकांश ग्रामीण नदारत ही रहे। चूंकि टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक है लिहाजा ग्रामीणों की सहमति के बगैर टीकाकरण किया जाना संभव भी नहीं है।

गांव में हुई शुरूआत अब बढेगी रफतार
अभी तक गांव में जो भ्रांति थी कि टीके से मृत्यु होती है गुरूवार को जब कुछ ग्रामीणों का टीकाकरण हो गया है तो अब ग्रामीणों में विश्वास बढेगा और अन्य ग्रामीण भी टीके को लेकर उत्सुक रहेंगी। शोभा तिवारी ने बताया कि आगामी समय में अन्य ग्रामीण भी टीकाकरण करवायेंगे क्योंकि आज जिन ग्रामीणों ने टीका लगवाया है वह आगामी दिनों में ग्रामीणों को इस संबंध में जानकारी देंगे। अनीश ने कहा कि उनका उद्देश्य गांव में टीकाकरण की शुरूआत कराना था जो अभी तक शून्य रहा है ग्रामीणों मे टीके के प्रति विश्वास जगाना बडी चुनौती थी जिस पर वह सफल रहे। बैगाचक के गांव में टीकाकरण की शुरूआत पर स्वास्थ्य विभाग भी उत्साहित हैं स्वास्थ्य विभाग से डाॅ जयश्री, बीई सोनवानी सहित अन्य अमला मौजूद रहा। गांव में कुछ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।


